बंजर इमारती भूमि पर किया जा रहा है अवैध कब्जा

स्थानीय कारोबारी के गुर्गों पर बंजर इमारती भूमि पर कब्जे का लग रहा आरोप

फतेहपुर-थाना क्षेत्र सुल्तानपुर घोष में इन दिनों सरकारी  भूमि पर अवैध कब्जेदारी का सिलसिला खूब चल रहा है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के लिए नए नए तरीक़े अपनाए जा रहे है। इतना ही नहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी खौफ नहीं रहा। वहीं सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप एक स्थानीय कारोबारी के गुर्गों पर लग रहा है।

बताते चले कि मामला सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के ऐरायां मसायक गांव का है। जहां पर पीड़िता महिला हमीदा बेगम पत्नी शाह मोहम्मद ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाते हुए बताया था कि गांव के ही कारोबारी जज़्बी के गुर्गे गांव में पड़ी हुई सरकारी बंजर इमारती भूमि (जिसका गाटा संख्या 1633 रकबा 0.4200 हेक्टेयर) पर अवैध कब्जा करके उसे कब्रिस्तान का रूप देकर कब्जा किया जा रहा है। जबकि पहले से ही यह भूमि बंजर इमारती के नाम से दर्ज है। जबकि सरकार ने पहले से ही गाटा संख्या 993, 996, 998, 1006, 1163, 1164, 1485, 1486, 1489, 1490, 1502ख, 1515, 1527, 1754ख, 1764, 1867, 1588 को कब्रिस्तान के नाम से दर्ज किया है। गाटा संख्या 1633 बंजर इमारती के नाम से दर्ज है। वहीं पीड़िता ने बताया कि हम लोग अत्यंत ही गरीब परिवार से है। अपना जीविका किसी तरह से चला रहे है। इसी भूमि पर जानवरों के लिए तिरपाल लगाकर हम भूषा रखे हुए है जोकि अस्थाई है। लेकिन कारोबारी जज़्बी के गुर्गे प्रतिदिन हमारे घर पर आकर गाली गलौज व मारपीट पर आमादा है। वहीं ग्राम प्रधान बीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिस भूमि का विवाद चल रहा है वह बंजर इमारती के नाम दर्ज है न कि कब्रिस्तान के नाम। हा ये अलग बात है कि इनके पूर्वजो की यहां पर कब्रिस्तान बनी हुई है। लेकिन सरकार ने पहले से ही कब्रिस्तान के नाम कई गाटा संख्या दर्ज है। ये लोग कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा कर खेती बाड़ी कर रहे है। आगे उन्होंने बताया कि विवाद को गहराता देख खागा उपजिलाधिकारी महोदय जी लेखपाल के साथ घटनास्थल पर आए भी थे। दस्तावेज देखने के बाद उन्होंने दोनों पक्षों के लोगों से कहा कि यह गाटा संख्या बंजर इमारती भूमि के नाम दर्ज है न कि कब्रिस्तान के नाम। यहाँ पर अब किसी भी तरह का कोई नए सिरे निर्माण कार्य नहीं होगा।
वहीं खागा उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि ऐरायां मसायक में गाटा संख्या 1633 का जो विवाद चल रहा है। वो सरकारी दस्तावेज में यह भूमि बंजर इमारती के नाम से दर्ज है न कि कब्रिस्तान के नाम से। दोनों पक्षों के लोगों को आदेशित किया गया है कि अवैध कब्जे को त्योहार के बाद तत्काल हटाया जाए। अब इस भूमि पर दोबारा किसी भी तरह का कोई नया कार्य नहीं किया जाएगा। बंजर इमारती गाटा संख्या पर दोबारा किसी भी तरह के मुर्दो को दफनाया नहीं जाएगा।

ब्यूरो फतेहपुर-सरवरे आलम