दबंग ने महिला के घर में किया कब्जा, न्याय के दर दर भटक रहीं

सुल्तानपुर घोष-फतेहपुर। थाना क्षेत्र के मंडवा गांव की रहने वाली 60 वर्षीय सायदा बानों व उसका पति मुमताज अहमद बीते कई महीनों से न्याय के लिए आलाधिकारियों के चौखट पर दस्तख़त दे रहे हैं। इस उम्मीद से कि शायद ही कोई इसकी व इसके पति के दर्द को सुन न्याय दिला सके। लेकिन अफसोश दर अफसोश अभी तक ऐसा नहीं हो पाया। जहां जहां पीड़िता महिला व उनका पति न्याय के लिए गए उनको खाली हाथ ही लौटना पड़ा। 

वहीं पीड़िता महिला सायदा बानों का आरोप है कि मेरे स्वर्गीय जेष्ठ अशफाक अहमद के लड़के इम्तियाज़ व उसकी पत्नी ने ब ज़बरन मेरे घर में घुसकर अवैध कब्जा कर रखा है। खाली करने के नाम पर वाद विवाद करता रहता है। 

पीडिता ने आगे बताया कि मेरे ससुर स्वर्गीय अब्बास हैदर ने वर्ष 2002 में अपने तीनों लड़कों मुस्ताक अली, अशफाक अहमद व मुमताज अली को गांव के ही समक्ष गवाहन वली अहमद, अजीज  अहमद, मोहम्मद ईशा, अली बक्स व गांव के पूर्व प्रधान की मौजूदगी में दो लड़के मुस्ताख़ अली व मेरे पति मुमताज अली को घर व मेरे छोटे जेष्ठ अशफाक अहमद ने घर की जगह पर अपने लड़के इम्तियाज़ की शादी के लिये 13,000 रुपये लिए थे और यह कहा था कि अब इस घर पर मेरा कोई दखल नहीं होगा। शादी के कुछ महीने बाद अशफाक अपने परिवार को लेकर कानपुर चला गया था। जिसके उपरान्त मैं इस घर में बीस सालों से रहती चली आ रही हूँ। अब बीस साल बीत जाने के बाद इम्तियाज़ व उसकी पत्नी ने अपनी दबंगई के बल पर मेरे घर में घुसकर कब्जा कर लिया है। मेरे द्वारा मना किए जाने के बावजूद इम्तियाज़ व उसकी पत्नी मुझे ही घर से बेदखल कर रहे हैं। वहीं पीड़िता सायदा बानों व उसके पति ने आगे बताया कि हम लोग न्याय के लिए अलालधिकारियों की चौखटों पर लगातार गुहार लगा रहे हैं। लेकिन अभी तक हमें न्याय नहीं मिला। ऐसे में अगर यही हालात रहे तो हम अपने परिवार के साथ आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे।


क्या कहते हैं गवाहन 

सुल्तानपुर घोष। थाना क्षेत्र के मंडवा गांव के रहने वाले वली अहमद, अजीज अहमद, मोहम्मद ईशा, अली बक्स गांव के ही पूर्व प्रधान व अन्य गवाहन बताते हैं कि स्वर्गीय अब्बास हैदर पुत्र स्वर्गीय गुलाम के तीन लड़के मुश्ताक अहमद, अशफाक अहमद व तीसरा लड़का मुमताज अली थे। जिसमें कि अब्बास हैदर ने वर्ष 2002 में हम सभी लोगों की मौजूदगी में अपनी जिन्दगी में ही अपने घर का तीनों लड़कों के बीच बटवारा कर दिया था। जिसमें कि मुस्ताख व मुमताज को घर व तीसरे लड़के अशफाक ने घर के एवज में अपने लड़के इम्तियाज़ की शादी के लिए 13,000 हजार रुपये लिए और यह कहा कि अब हमारा व हमारे लड़के का इस घर में किसी भी तरह का कोई दखल नहीं होगा। लिहाजा शादी के कुछ ही महीने बाद अशफाक अपने परिवार को लेकर कानपुर चला गया। बीस साल के बाद उसका लड़का इम्तियाज़ गांव में आकर उस घर में अपना कब्जा कर रखा है जो गलत है। 

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