अपहरण किये गए युवक की हत्या में दो को जेल, छह की तलाश
प्रयागराज: अतरसुइया थाना क्षेत्र के रानीमंडी के रहने वाले जीतेंद्र केसरवानी के बेटे आदर्श केसरवानी की 1 अप्रैल की रात हत्या कर दी गई थी। मुट्ठीगंज के रहने वाले मोनू सारस्वत रात में आदर्श को अपने घर बुलाकर ले गया और वहीं अपने साथियों के साथ गला दबाकर मार डाला।
आदर्श केसरवानी हत्याकांड में पुलिस ने शुक्रवार को अमित और बिक्कू को जेल भेज दिया। मुख्य आरोपी मोनू सारस्वत अभी भी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम बाहर जाएगी। मोनू और उसके पांच साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
अतरसुइया थाना क्षेत्र के रानीमंडी के रहने वाले जीतेंद्र केसरवानी के बेटे आदर्श केसरवानी की एक अप्रैल की रात हत्या कर दी गई थी। मुट्ठीगंज के रहने वाले मोनू सारस्वत रात में आदर्श को अपने घर बुलाकर ले गया और वहीं अपने साथियों के साथ गला दबाकर मार डाला। इसके बाद रात में कार से उसका शव मिर्जापुर के ड्रमंडगंज की पहाड़ियों से नीचे फेंक दिया। उधर, घरवालों को इस बारे में कुछ भी नहीं पता था। पिता ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच कर रही थी, कॉल डीटेल्स के आधार पर पुलिस ने दो दिन पहले अमित और बिक्कू नाम के युवकों को उठाया तो पूरे मामले का खुलासा हो गया था। बृहस्पतिवार को पुलिस दोनों को लेकर ड्रमंडगंज गई जहां से आदर्श का क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया गया। अपने दोस्तों के पकड़े जाने के बाद मोनू सारस्वत फरार हो गया था। अमित और बिक्कू से पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि आदर्श ने मोनू की पत्नी के बारे में कुछ छीटाकशी की थी। इसी कारण दोनों में विवाद हुआ और मोनू ने उसकी हत्या कर दी।
सीओ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि मोनू और उसके सात दोस्तों ने घटना को अंजाम दिया। अमित और बिक्कू को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है। हो सकता है कि मोनू बाहर भाग निकला है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम को बाहर भेजा जा रहा है।
रिपोर्ट- हसनैन अब्बास